हरदोई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा पथ संचलन के साथ मनाया गया वर्ष प्रतिपदा उत्सव
हरदोई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा पथ संचलन के साथ मनाया गया वर्ष प्रतिपदा उत्सव
मीडिया रायटर्स रिपोर्ट/हर्षराज सिंह
हरदोई।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों द्वारा आज हरदोई जनपद में पथ संचलन का आयोजन किया गया इस दौरान भारी संख्या में स्वयंसेवक पथ संचालन करते दिखाई दिए शहर के बाल विद्या भवन में एकत्र हुए आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने पहले तो संघ के सरसंघचालक को प्रणाम कर केशव अर्चना और भठबंधन किया साथ ही प्रार्थना भी की इसके बाद नगर के विभिन्न मार्गों पर पथ संचालन करते हुए वर्ष प्रतिपदा के बारे में भी लोगों को जानकारी दी। हरदोई में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पद संचलन के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रान्त कार्यवाह अविनाश जी ने उपस्थित स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा वर्ष प्रतिपदा का धार्मिक ऐतिहासिक व वैज्ञानिक महत्त्व है | चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा पर श्री ब्रह्माजी द्वारा सृष्टि की रचना की गई थी। भवानी आदिशक्ति का प्राक्ट्य हुआ था, महाराज विक्रमादित्य का राज्याभिषेक भी आज ही के दिन हुआ था। ऋतु परिवर्तन भी इसी समय दृष्टिगोचर होता है। इस तिथि की महत्ता देखते हुए हम सभी हिन्दू भाईयों को मिलकर हर्षोल्लास से यह पर्व मनाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत माता की सेवा शताब्दी पूर्ण कर रहा है इस उपलक्ष्य में हम सभी पञ्च परिवर्तन हेतु संकल्प लेते हैं और समाज में उनके प्रति जागरूकता और स्वीकार्यता बढानी है|
पहला है सामाजिक समरसता जिसका अर्थ है सभी वर्गों, जातियों और समुदायों के बीच परस्पर प्रेम और एकता बनाए रखना। सामाजिक समरसता से ही हम संगठित और मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।
दूसरा है, कुटुंब प्रबोधन, एक सशक्त परिवार से ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। इसलिए बच्चों को अच्छे संस्कार दें, उन्हें अपने संस्कृति और परंपराओं से जोड़ें. संतों, महापुरुषों, वीरों की गाथाएँ सुनाएँ. परिवार के साथ समय बिताएं। प्रतिदिन कम से कम एक बार परिवार के सभी सदस्य एक साथ भोजन करें.
तीसरे संकल्प परिवार संरक्षण के बारे में उन्होंने कहा यदि हम चाहते हैं कि हम आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण दे जाएँ, तो हमें जल, वायु और प्रकृति की रक्षा करनी होगी। प्लास्टिक का कम उपयोग करें, अधिक से अधिक वृक्ष लगाएं और प्राकृतिक संसाधनों का बुद्धिमत्तापूर्वक उपयोग करें।
चौथा है स्वदेशी और स्व की संकल्पना | स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दें. हम स्वदेशी वस्तुओं को अपनाएंगे, तो हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और भारत आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होगा। इसके साथ ही स्व की भावना पर गर्व करें.
पांचवा है नागरिक कर्तव्य जिसमे हम सभी खुद को और दूसरों को भी देश के नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करें. हम देशहित को सर्वोपरि रखे और अपने अपने दायित्वों को सत्यनिष्ठा से निभाए.जब हर नागरिक अपने कर्तव्यों को समझेगा, तभी हमारा राष्ट्र सही मायने में प्रगति करेगा।
उन्होंने अंत में कहा कि, यह पंच परिवर्तन कोई नारा नहीं है, बल्कि संकल्प हैं, जो हमें आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर ले जाएगा। यदि हम इन पाँच स्तंभों को अपने जीवन में उतारते हैं, तो हम न केवल अपने समाज को, बल्कि संपूर्ण राष्ट्र को उन्नति के मार्ग पर ले जा सकते हैं।
इस अवसर पर नगर में पथ संचलन भी निकाला गया जो बाल विद्या भवन से आरम्भ होकर सिनेमा चौराहे, बड़े चौराहे से अटल चौराहे से होकर वापस बाल विद्या भवन पर समाप्त हुआ. जगह जगह आम नागरिकों ने पुष्प वर्षा और भारत माता की जाया के नारों के साथ स्वागत किया |
इस अवसर पर क्षेत्र संघचालक कृष्णमोहन, विभाग संघचालक शिव स्वरूप, नगर संघचालक मिथिलेश, नगर कार्यवाह मिथिलेश शर्मा, नगर कार्यवाह विनय पांडे, नगर प्रचारक विशाल, जिला कार्यवाह संजीव खरे और जिला प्रचारक रवि सहित सैकड़ों की संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।