अवैध हॉस्पिटल ने ले ली महिला की जान, बच्चे का शव गायब कर हॉस्पिटल बंद कर भागे संचालक
अवैध हॉस्पिटल ने ले ली महिला की जान, बच्चे का शव गायब कर हॉस्पिटल बंद कर भागे संचालक
मीडिया रायटर्स रिपोर्ट/हर्षराज सिंह
यूपी के हरदोई जिले से दिल को दहला देने वाला मामला सामने आ रहा है जिसमें एक अवैध रूप से संचालित हॉस्पिटल के कारण एक पूरा परिवार बिखर गया है। अवैध हॉस्पिटल के कारण नवजात की मौत के बाद गर्भवती महिला की भी मौत हो गई, गर्भवती महिला की मौत के बाद परिजन नवजात का शव लेने के लिए पहुंच पाते, उससे पहले ही गर्भवती की मौत की खबर अवैध हॉस्पिटल संचालकों को लग गई और वह नवजात का शव गायब कर हॉस्पिटल बंद कर भाग गए।
साण्डी थानाक्षेत्र के टेभनापुर गांव निवासी रेहान गांव की ही आशा नन्ही के कहने पर अपनी गर्भवती पत्नी जीनत को साण्डी रोड स्थित अदिति हॉस्पिटल लेकर आया था, नवजात बच्चे की मौत के बाद जब जीनत की हालत बिगड़ने लगी तो हॉस्पिटल संचालकों ने हाथ खड़े कर दिए और उसे किसी अन्य हॉस्पिटल में दिखाने के लिए कहा। जिसके बाद रेहान अपनी पत्नी को पहले एक निजी अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज लेकर गया जहां पर डॉक्टरों ने जीनत को मृत घोषित कर दिया। जीनत की मौत हो जाने के बाद रेहान अपने अन्य परिजनों के साथ जीनत के शव के साथ अपने नवजात के शव को लेने के लिए पहुंचा तो उसके होश उड़ गए। कथित अवैध अदिति हॉस्पिटल के संचालक तब तक नवजात बच्चे के शव को गायब कर हॉस्पिटल बंद करके भाग चुके थे। हॉस्पिटल बंद देख रेहान परिजनों के साथ जीनत के शव के साथ शहर कोतवाली पहुंच गया और कोतवाल विद्यासागर पाल को अपनी आपबीती बताई। रेहान से मामले की जानकारी करने के बाद शहर कोतवाल पुलिसबल के साथ अदिति हॉस्पिटल पहुंचे तो वहां पर ताला लगा हुआ था जिसके बाद उन्होंने आसपास के लोगों से संचालकों का मोबाइल नंबर पता किया। कथित हॉस्पिटल के बोर्ड पर ना तो संचालकों का नाम व मोबाइल नंबर लिखा हुआ था और ना रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा हुआ था इसलिए पहले तो करीब 40 मिनट तक संचालकों का नंबर ही नहीं मिल पाया लेकिन जब नंबर मिला तो संचालक अभी आ रहे-अभी आ रहे कहकर पुलिस को भी गुमराह करने लगे। खबर लिखे जाने तक कोतवाल के द्वारा बुलाए जाने के बाद भी संचालक मौके पर नहीं पहुंचे थे।
मृतका के परिजनों का आरोप है कि अवैध अदिति हॉस्पिटल की लापरवाही के चलते उसकी पत्नी जीनत की मौत हुई है और हॉस्पिटल संचालक उसके नवजात बच्चे के शव को उसे देने की जगह हॉस्पिटल बंद कर भाग गए। परिजनों का यह भी आरोप है कि इलाज के नाम पर उससे करीब 50 हजार रूपये भी ले लिए गए लेकिन इलाज नहीं किया गया।
मृतका के परिजनों ने गांव की आशा नन्ही व अदिति हॉस्पिटल के संचालकों पर कार्यवाही कर इन्हें जेल भेजे जाने की मांग की है।
बताते चले कि जिस कथित अवैध अदिति हॉस्पिटल की लापरवाही के चलते जीनत की मौत हुई है, उस हॉस्पिटल में पहले भी लापरवाही के चलते गर्भवती महिलाओं की मौतें हो चुकी है जिसके चलते कुछ माह पूर्व इस हॉस्पिटल को सील भी किया गया था।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि मानकविहीन बिना पंजीकृत यह अवैध हॉस्पिटल आखिर शहर में खुलेआम चल कैसे रहे है?
आखिरकार अवैध हॉस्पिटलो में लगातार हो रही इन मौतों का असली जिम्मेदार कौन है?