भागवत कथा सुनना और भगवान को अपने मन में बसाने से व्यक्ति के जीवन में आता है परिवर्तन -डॉ. सत्येंद्र स्वरूप शास्त्री
भागवत कथा सुनना और भगवान को अपने मन में बसाने से व्यक्ति के जीवन में आता है परिवर्तन -डॉ. सत्येंद्र स्वरूप शास्त्री
मीडिया रायटर्स रिपोर्ट/हर्षराज सिंह
हरदोई। सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का कृष्ण प्रिया भवन में कार्यक्रम चल रहा है। जिसमें कथा के चौथे दिन बावन अवतार राम एवं कृष्ण जन्म का प्रसंग हुआ। जिसे कथावाचक डॉ. सत्येंद्र स्वरूप शास्त्री ने सुनाया। जिसको सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
जैसे ही कथा के दौरान कृष्ण जन्म का प्रसंग आया और कथा पंडाल में भगवान कृष्ण, वासुदेव मथुरा से गोकुल पहुंचने का अभिनय करते हुए मंच की ओर बढ़ने लगे, वैसे ही पूरा हॉल जयकारा से गूंजने लगा। मुख्य यजमान राजीव मिश्र एडवोकेट व उनकी पत्नी प्रिया मिश्रा और डॉ. अरुण मिश्रा व उनकी पत्नी डॉ. शिक्षा मिश्रा ने भगवान कृष्ण व वासूदेव की अगवानी करते हुए कथा मंच पर ले गए। कृष्ण जन्मोत्सव का गीत जैसे कथा वाचक श्री शास्त्री ने शुरू किया। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु झूम झूम कर नाचने लगे। पूरा कथा पंडाल भक्तिभाव से गोकुल नजर आने लगा।
शहर कोतवाली के पास प्रिया भवन में आयोजित भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचक डॉ. सत्येंद्र स्वरूप शास्त्री ने कथा श्रवण कराते हुए कहा भागवत कथा सुनना और भगवान को अपने मन में बसाने से व्यक्ति के जीवन में परिवर्तन आता है। भगवान हमेशा अपने भक्त को ब्राह्मण पाना चाहता है। जितना भक्त भगवान के बिना अधूरा है उतना ही अधूरा भगवान भी भक्त के बिना है। भगवान ज्ञानी को नही अपितु भक्त को दर्शन देते हैं। और सच्चे मन से ही भगवान प्राप्त होता है।
भागवत कथा में मुख्य रूप से मुकेश बाजपेई,रेनू बाजपेई,रंजना मिश्रा,रेखा बाजपेई, आनंद मिश्रा, अशोक मिश्रा, , श्याम बिहारी मिश्रा, सत्येंद्र त्रिपाठी, कृष्णा मिश्रा, रजनीश पांडेय, जगदीश पांडेय,कौशल कुमार सिंह,कालिंद्री सिंह,गौरव सिंह आदि भक्तगण मौजूद रहे।