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राज्य / हरदोई / 17 December 2024

केजी की छात्रा के साथ अधेड़ ने किया डिजिटल रेप न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा, 4 साल में आया फैसला, सुनवाई के दौरान मां बाप ने भी बदले बयान

केजी की छात्रा के साथ अधेड़ ने किया डिजिटल रेप न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा, 4 साल में आया फैसला, सुनवाई के दौरान मां बाप ने भी बदले बयान

मीडिया रायटर्स रिपोर्ट/हर्षराज सिंह

हरदोई में एक चार साल की बच्ची के साथ अधेड़ ने डिजिटल रेप की घटना को अंजाम दिया था। 4 साल 4 महीने के बाद इस मामले में फैसला आया है। जिसमें न्यायाधीश ने आरोपी को आजीवन कारावास और ₹50000 अर्थदंड की सजा सुनाई है। सुनवाई के दौरान 9 साक्षी पेश किए गए, खास बात यह रही कि इस दौरान पीड़िता के मां-बाप ने भी अपने बयानों को बदल दिया लेकिन पीड़िता और हेयर कटिंग की दुकान चलाने वाले के बयान और मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि होने के बाद दोषी को अदालत ने सजा सुनाई है।

कोतवाली शहर में 8 अगस्त 2020 को 14 साल की बच्ची जो KG में पढ़ती थी, उसके साथ 7 अगस्त को हुई हैवानियत की FIR लिखाई गई। पीड़िता के पिता ने बताया कि उसकी बच्ची को चॉकलेट खिलाने की बात कह कर मोहल्ले का ही रहने वाला आरोपी छोटे उर्फ अखिलेश पांडे अपने साथ जबरदस्ती गोद में उठाकर ले गया। इसके बाद बच्ची के साथ उसने डिजिटल रेप किया और उसकी जान से मारने के लिए उसका गला भी दबाया और मारपीट की। बच्ची के प्राइवेट पार्ट से रक्तस्राव होने लगा इसके बाद बच्ची जब अपने घर पहुंची तो उसके परिजनों ने गले पर चोट के निशान और प्राइवेट पार्ट से रक्तस्राव देखा तो मामले को तत्काल ही भांप गए, बच्ची को अस्पताल ले जाया गया। जिसके बाद लखनऊ के ट्रामा सेंटर उसे इलाज के लिए रेफर किया गया। 4 साल 4 महीने और 9 दिन के बाद आज अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 15 पॉक्सो की न्यायाधीश श्रद्धा तिवारी ने इस मामले में आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास ₹50000 का अर्थ दंड और अर्थदंड अदा न किए जाने पर एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा सुनाई है। 

पीड़िता के वकील एडीजीसी अमित शुक्ला ने बताया कि सुनवाई के दौरान पीड़िता के मां-बाप भी अपने बयानों से पलट रहे थे, लेकिन पीड़िता के बयान और नाई के बयान के साथ मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने यह फैसला सुनाया है।

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