अधिवक्ता हत्याकांड में शामिल एक शूटर पुलिस की मुठभेड़ में घायल , प्रोप्रटी विवाद में भाड़े के हत्यारो ने दिया था वारदात को अंजाम , मामले में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत चार हिरासत में
अधिवक्ता हत्याकांड में शामिल एक शूटर पुलिस की मुठभेड़ में घायल , प्रोप्रटी विवाद में भाड़े के हत्यारो ने दिया था वारदात को अंजाम , मामले में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत चार हिरासत में
मीडिया रायटर्स रिपोर्ट/हर्षराज सिंह
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में मंगलवार रात अधिवक्ता की उनके घर में अज्ञात शूटरों द्वारा गोली मारकर हत्या करने के मामले में फरार एक शूटर को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस की गोली से घायल शूटर को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में अधिवक्ता की हत्या प्रॉपर्टी विवाद में बात सामने आयी है ।पुलिस ने इस मामले में समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष समेत चार लोगों को हिरासत में ले रखा है। शूटर की पहचान पुलिस ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस के जरिये की थी की है।मुठभेड़ में पकड़े गए शूटर को अधिवक्ता का जिन लोगों से प्रॉपर्टी विवाद चल रहा था उनमें से एक व्यक्ति द्वारा वारदात के लिए सम्पर्क किया गया था। जिसके बाद इन शूटरों ने हत्याकांड को अंजाम दिया था। सीनियर अधिवक्ता की हत्या के बाद अधिवक्ताओं में आक्रोश था और अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन करके दो दिन का समय पुलिस को दिया था।
पुलिस के कड़े पहरे में मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए लाया गया यह बदमाश कोतवाली शहर के झरोईया गांव का रहने वाला नीरज है पुलिस ने इसको 30 जुलाई को शहर कोतवाली इलाके में लखनऊ रोड पर फौजदारी के सीनियर अधिवक्ता कनिष्क मेहरोत्रा की गोली मारकर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। दरअसल 30 जुलाई की रात 8 बजे हरदोई जिले के फौजदारी के सीनियर अधिवक्ता कनिष्क मेहरोत्रा की उस समय हत्या कर दी गई थी जब वह अपने घर पर मौजूद थे। उसी समय दो युवकों ने शादी करने के बहाने उनको उनके घर में उनके मुंशी के जरिये चेंबर में बुलाकर कनपटी पर गोली मार दी थी। इस मामले में मृतक अधिवक्ता के भाई द्वारा तीन अज्ञात शूटरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। अधिवक्ता की हत्या के बाद वकीलों ने प्रदर्शन करके पुलिस को 2 दिन की मोहलत दी थी। इसके अलावा कांग्रेस के प्रदेश अध्य्क्ष अजय राय ने भी गुरवार को अधिवक्ता के परिवार से मुलाक़ात की थी। पुलिस के मुताबिक अधिवक्ता के घर के बाहर लगे सीसीटीवी में दो व्यक्तियों की तस्वीरें कैद हुई थी। जिसके बाद पुलिस अन्य इलाकों में लगे सीसीटीवी की जांच करने में लगी थी। पुलिस की जांच के दौरान एक शराब के ठेके पर इन शूटरों की तस्वीर पुलिस ने ट्रेस की इसके बाद मोबाइल सर्विलांस के जरिए इनके बारे में जानकारी जुटाई गयी और आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की जा रही थी। पुलिस के मुताबिक सांडी बावन रोड के बन रहे बाईपास के पास पुलिस को एक शूटर के मौजूद होने की लोकेशन मिली जिसके बाद इलाके की घेराबंदी की गई तो वहां मौजूद शूटर ने पुलिस बल पर फायर करके भागने का प्रयास किया तो जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की जिसमें अधिवक्ता हत्याकांड में शामिल आरोपी नीरज घायल हुआ। पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि अधिवक्ता जिस मकान में रह रहे थे उसे कुछ लोगो द्वारा खरीद लिया गया था और मकान खाली कराने को लेकर विवाद चल रहा था। उन्हीं लोगों में से आदित्य भान सिंह द्वारा शूटरों को वारदात के लिए सुपारी दी गयी थी जिन्होंने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में इस प्रॉपर्टी को खरीदने में शामिल रहे समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष व सुपारी देने के आरोपी आदित्य भान समेत चार लोगों को हिरासत में ले रखा है। पुलिस के मुताबिक हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी नीरज ने अपनी पहचान बदलने के लिए अपने बाल भी कटवा लिए थे। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपी से घायल होने के कारण गहनता से पूंछताछ होने के बाद और बाकी शूटरों के पकड़े जाने के पूरे घटनाक्रम में शामिल सभी आरोपियों को जेल भेजा जाएगा