हरदोई में अवैध कोचिंग सेंटरो पर कब होगी कार्यवाही, मानकों को दरकिनार कर संचालित हो रहें कोचिंग सेंटर
हरदोई में अवैध कोचिंग सेंटरो पर कब होगी कार्यवाही, मानकों को दरकिनार कर संचालित हो रहें कोचिंग सेंटर
मीडिया रायटर्स रिपोर्ट/हर्षराज सिंह
दिल्ली में बेसमेंट में संचालित हो रही कोचिंग में अचानक पानी भर जाने से हुई तीन छात्र-छात्राओं की मौत एक चिंता का विषय है। उत्तर प्रदेश में भी मानकों को दरकिनार कर अवैध तरीके से कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं जहां सैकड़ो छात्र छत्राओ की जान के साथ प्रतिदिन खिलवाड़ किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे हरदोई जनपद में भी मानको को दरकिनार कर बिना रजिस्ट्रेशन के कोचिंग सेंटर धड़ले से संचालित हो रहे हैं। इन कोचिंग सेंटरों के बाहर और अंदर छात्राओं की भीड़ देखने को मिल जाती है। कोचिंग सेंटर के एक-एक बैच में 20 से 25 छात्र-छात्राएं पढ़ते हुए नजर आते हैं लेकिन अवैध कोचिंग सेंटर पर शासन जिला प्रशासन कार्यवाही करने से बचता हुआ नजर आता है। हरदोई में शिक्षा माफिया का बोलबाला है इन शिक्षा माफियाओं के आगे जिला प्रशासन नतमस्तक है। हादसे के बाद जिम्मेदारों की नींद जरूर टूटती है लेकिन जांच और कार्रवाई के नाम पर केवल खाना पूर्ति कर दी जाती है।
*आख़िर क्यों जिम्मेदारों को नहीं आता नज़र*
हरदोई शहर की अगर बात करें तो यहां पर कई कोचिंग इंस्टिट्यूट संचालित होते हैं।शहर के किसी भी मार्ग पर निकल जाए वहां पर एक नहीं कई कोचिंग सेंटर संचालित मिल जाएंगे।इन कोचिंग सेंटरों पर मानकों को दरकिनार कर छात्र छत्राओ को पढ़ाया जाता है।शहर के नाघेटा रोड पर कोचिंग सेंटर संचालित है जो की एक घर के अंदर है यहां पर भी छात्र-छात्राओं की काफी भीड़ देखने को मिल जाएगी वहीं शहर के महात्मा गांधी मार्ग पर भी कोचिंग सेंटर संचालित हैं। बड़े चौराहे से नुमाइश चौराहे जाने वाले मार्ग पर भी कई कोचिंग सेंटर संचालित है जो की पहली मंजिल पर बने हुए हैं यदि इन स्थानों पर कोई हादसा होता है तो छात्र-छात्राओं को निकलने के लिए केवल एक ही झीना का एक ही रास्ता है वह भी काफी संकरी है। ऐसे में हरदोई जनपद में अवैध कोचिंग सेंटर लगातार छात्र छात्राओं की जान के साथ खिलवाड़ करने में लगे हुए हैं। इन अवैध कोचिंग सेंटरों पर सुरक्षा के सारे मानको को लगातार दरकिनार कर ज़िम्मेदार अपनी जेबों को गर्म कर रहें हैं।जिम्मेदार जांच के नाम पर केवल खाना पूर्ति कर कोचिंग सेंटर पर कार्यवाही से बचते रहते हैं। दिल्ली में हुए हादसे के बाद क्या अब हरदोई में भी अवैध कोचिंग सेंटर के विरुद्ध अभियान चलाकर जिम्मेदार कोई कार्यवाही करेंगे या फिर ऐसे ही जिला प्रशासन की अनदेखी और कोचिंग सेंटर संचालकों की मनमानी के चलते छात्र छात्राये अपनी जान गवाने को मजबूर होंगे।