नियमावली को दरकिनार कर पत्नी के क्लिनिक पर मरिजो का उपचार कर रहें ईएनटी डॉक्टर, फोटो वायरल
नियमावली को दरकिनार कर पत्नी के क्लिनिक पर मरिजो का उपचार कर रहें ईएनटी डॉक्टर, फोटो वायरल
मीडिया रायटर्स/रिपोर्ट/हर्षराज सिंह
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक चाहे जितना भी प्रयास उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का करें लेकिन ऐसा होता हुआ नजर नहीं आने वाला है।लगातार स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक अस्पतालों का निरीक्षण कर जिम्मेदारों का आवश्यक दिशा निर्देश देते आ रहे हैं लेकिन उनके ही गृह जनपद हरदोई में स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर से लेकर स्वास्थ्य कर्मी तक नियमावली की जमकर अनदेखी कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े डॉक्टर को प्राइवेट क्लीनिक खोलने और उसमें मरीजों को देखने पर सख्त प्रतिबंध है लेकिन इन सब के बीच हरदोई में कई प्रकरण ऐसे आ चुके हैं जहां स्टाफ नर्स छोटा नर्सिंग होम संचालित कर रही थी वहीं कई डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस भी कर रहे थे। सोशल मीडिया पर इस समय एक फोटो वायरल हो रही है जिसमें हरदोई के 100 सैया अस्पताल के नाक कान गला विशेषज्ञ प्राइवेट क्लीनिक पर बैठकर मरीजों का इलाज करते हुए देख रहे हैं। हालांकि जिस क्लीनिक पर सरकारी डॉक्टर मरीज का उपचार कर रहे हैं वह क्लिनिक उनकी पत्नी जो की एक डॉक्टर है उनके नाम पर संचालित हो रहा है। अधिकारियों के रडार में आने और किसी अन्य कार्रवाई से बचने के लिए डॉक्टर अपने किसी रिश्तेदार या डॉक्टर पत्नी के नाम से क्लिनिक संचालित कर स्वयं उसमें मरीजों को देखते हैं।ऐसे में साफ समझ जा सकता है कि उत्तर प्रदेश में सरकारी डॉक्टर किस तरह मरीजों की जेब पर डाका डालने का काम कर रहे हैं।
*आख़िर क्यों नहीं होती कार्यवाही, ईएनटी की हरदोई में है काफ़ी माँग*
शहर के नघेटा रोड पर आयकर भवन के सामने प्राइम ईएनटी सेंटर के नाम से क्लिनिक संचालित है।इसमें बोर्ड पर महिला डॉक्टर का नाम लिखा है जबकि इलाज पुरुष डॉक्टर करता हुआ नजर आता है। जानकारी करने पर पता चला कि यह डॉक्टर हरदोई के सौ शंया अस्पताल के ईएनटी डॉक्टर प्रतीक पोडवाल है जो की प्रतिदिन अपनी पत्नी के क्लीनिक पर बैठकर मरीजों का उपचार करते हैं साथ ही यहां पर मरीजों की कई जांच भी करते हैं। सरकारी डॉक्टर प्राइवेट क्लीनिंग में बैठकर प्राइवेट प्रैक्टिस करने के साथ एक अच्छा राजस्व भी यहां से प्राप्त करते हैं। मिली जानकारी के मुताबिक ऐसे भी कई मरीज़ इनके पास आते हैं जो कि पहले सौ शंया अस्पताल पहुंचते हैं जिन्हें प्राइवेट क्लीनिक पर आने के लिए बोल दिया जाता है।अब इस प्रकरण में देखने वाली बात यह होगी कि क्या हरदोई के सीएमओ डॉक्टर रोहताश कुमार इस बाबत कोई सख्त कार्यवाही करते हैं या एक बार फिर जांच टीम गठित करके कार्यवाही का केवल आश्वासन दे दिया जाएगा।इस संबंध में जब सीएमओ डॉक्टर रोहताश कुमार ने उनका पक्ष जाने के लिए दो बार फ़ोन मिलाया गया लेकिन उनका फ़ोन नहीं उठा।