कहीं चल रहे स्टीमर तो कहीं नाव तक का अभाव, बाढ से घिरी ग्राम पंचायत ख्वाजगीपुर में मदद की दरकार
कहीं चल रहे स्टीमर तो कहीं नाव तक का अभाव, बाढ से घिरी ग्राम पंचायत ख्वाजगीपुर में मदद की दरकार
मीडिया रायटर्स रिपोर्ट/हर्षराज सिंह
हरदोई। सवायजपुर-शाहाबाद तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांव गर्रा नदी में आई बाढ़ से प्रभावित हैं। इन गांवों के लोगों का मुख्य मार्गों और शहरी क्षेत्र से संपर्क टूट चुका है, अब लोगों के घरों में खाने तक को नहीं बचा है। अनाज बाढ के पानी से सड गया है। प्रशासन द्वारा इन गांवों में राहत सामग्री नहीं पहुंचाई जा रही है, ग्रामीणों में इसको लेकर प्रशासन के खिलाफ आक्रोश भी है। क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों के वासिंदे प्रशासनिक मदद की आस लगाए बैठे हैं। वहीं मुख्य मार्गों पर बसे गांवों में प्रशासन द्वारा तमाम प्रकार से मदद की जा रही है।
भरखनी ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत ख्वाजगीपुर, मजरा रन्धीरपुर, ललुआपुर, मड़ैया गांव के घरों में बाढ़ का पानी भरा है। यही हाल बीरमपुर का है। चारों तरफ से पानी से घिरे इन गांवों के लोगों का आसपास के शहरी क्षेत्र व बाजारों से संपर्क टूट गया है। यहां प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को राहत सामग्री पहुंचाना तो दूर की बात है यहां नाव आदि का भी प्रबंध नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि बीते 4 दिन से बाढ के कारण घरों में कैद हैं, प्रधान प्रतिनिधि द्वारा अपने खर्चे से शनिवार रात को एक नाव का प्रबंध किया गया, जिससे पांच गांव की करीब 5000 आबादी निर्भर है। एक नाव इतनी बड़ी आबादी के बीच ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। प्रधान प्रतिनिधि अवनीश त्रिवेदी ने बताया कि उनके गांव में कोई भी प्रशासनिक अधिकारी पहुंचा तक नहीं है। लोगों के घरों में पानी भरा है और अनाज सड़ चुका है। जिसके कारण अब ग्रामीणों के आगे भोजन आदि की भी समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों को रविवार को प्रधान प्रतिनिधि अवनीश त्रिवेदी ने लंच पैकेट बनवाकर बटवाए लेकिन प्रशासन द्वारा यहां किसी प्रकार की कोई राहत सामग्री का वितरण नहीं किया गया है। वहीं पाली थाना क्षेत्र में शाहाबाद मार्ग पर बसे अतर्जी, बेगराजपुर, कहारकोला, परेली आदि गांवों में प्रशासन द्वारा नाव, स्टीमर आदि की सुविधा ग्रामीणों को दी गई है तथा बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ व पीएसी को भी लगाया गया है।