पोस्टमार्टम हाउस में शवों से ज्वेलरी लूट में दो कर्मचारी बर्खास्त,शवों से असली ज्वेलरी उतार कर नकली ज्वेलरी में देते थे बदल, सीएमओ ने गठित की टीम
पोस्टमार्टम हाउस में शवों से ज्वेलरी लूट में दो कर्मचारी बर्खास्त,शवों से असली ज्वेलरी उतार कर नकली ज्वेलरी में देते थे बदल, सीएमओ ने गठित की टीम
मीडिया रायटर्स रिपोर्ट/हर्षराज सिंह
हरदोई में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, यहां कर्मचारियों ने जिंदा इंसान तो छोड़िए मृतकों के शवों को भी नहीं बख्शा।आधुनिक चीरघर में विगत कई माह से पोस्टमार्टम के लिए आने वाली डेड बॉडी से लूट की जा रही थी।दरअसल, मृतक के शरीर पर मौजूद गहने चोरी किए जा रहे थे और चोरी किए गए गहनों को आर्टिफिशियल ज्वेलरी से बदल दिया जाता था।एक महिला सिपाही की बड़ी बहन के पोस्टमार्टम के बाद मामले का खुलासा हुआ है।महिला सिपाही की बड़ी बहन की संदिग्ध हालत में मौत के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया था।पोस्टमार्टम होने के बाद महिला सिपाही की बहन की डेड बॉडी से सोने के आभूषण गायब थे।महिला सिपाही के प्रकरण की शिकायत करने के बाद सीएमओ ने आधुनिक चीर घर में तैनात दो कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है।कार्रवाई के बाद बर्खास्त कर्मचारी ने आधुनिक चीरघर में शवों से होने वाली लूट की पोल खोल दी है।बर्खास्त कर्मचारी का कहना है कि आधुनिक चीर घर में तैनात सभी कर्मचारियों का हिस्सा होता था असली ज्वेलरी निकाल ली जाती थी और उसकी जगह पर आर्टिफिशियल ज्वेलरी रख दी जाती थी।बर्खास्त कर्मचारी का दावा है कि शवों से निकाली गई असली ज्वेलरी को सीतापुर के एक ज्वेलर्स के यहां बेचा जाता था।
इस अनोखे लूट मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस लाइन में तैनात महिला आरक्षी निक्की ने अपनी बहन के शव से ज्वेलरी गायब होने की शिकायत सीएमओ की। दरअसल महिला आरक्षी निक्की की 26 वर्षीय बड़ी बहन पिंकी की नौ अप्रैल को मधौगंज थाना क्षेत्र में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।उसका शव पोस्टमार्टम के लिए आधुनिक चीरघर हरदोई लाया गया था।पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिजन घर चले गए थे। विगत 17 जून को निक्की ने सीएमओ डा. रोहताश कुमार से मुलाकात की।इस दौरान उसने बताया कि उनकी बहन के कान में सोने की बाली और नाक में नथ थी,पोस्टमार्टम के दौरान से यह ज्वेलरी गायब थी।सीएमओ ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी।कमेटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद सीएमओ डाॅ. रोहताश कुमार ने पोस्टमार्टम हाउस में तैनात रूपेश पटेल और वाहिद को बर्खास्त कर दिया।सीएमओ ने बताया कि दोनों ही आउट सोर्सिंग कंपनी के माध्यम से रखे गए कर्मचारी थे।आउट सोर्सिंग कंपनी को इस बारे में पत्र भेज दिया गया है।
डेड बॉडी से ज्वेलरी लूट मामले में दोषी पाए गए आउटसोर्सिंग कर्मचारी रुपेश पटेल ने बर्खास्तगी के बाद शवों से लूट के इस अनोखे प्रकरण की पोल खोल दी है।जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे रुपेश पटेल ने बताया कि इस मामले में पोस्टमार्टम हाउस में तैनात तमाम कर्मचारी संलिप्त हैं।रूपेश का कहना है कि नकली ज्वेलरी लाकर वहां पर पहले से रखी जाती थी और फिर मृतक के शव से असली ज्वेलरी को निकाल कर नकली ज्वेलरी से बदल दिया जाता था,यही नहीं शवों से लूट की गई ज्वेलरी को सीतापुर में ज्वेलर्स के यहां बेचा जाता था। रुपेश के मुताबिक शवों से हुई ज्वेलरी लूट का पर्दाफाश होने के बाद उसने इन वीडियो को वायरल किया है।सीएमओ डॉक्टर रोहताश कुमार ने इस मामले में एक जांच टीम गठित की है।सीएमओ के मुताबिक जांच टीम पूरे मामले की जांच कर रही है जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी साथ ही दोषियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।